यूरोप के कपल अब बच्चे पैदा क्यों नहीं करना चाहते ? भारत में 2 .1 करोड़ बच्चो के जन्म साथ बेबी बूम का अनुमान !
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| Unisef Riport |
सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनाकाल में इस बार बच्चो की जन्म दर घटने की संभावना है ,रिपोर्ट की लेखिका फ्रोंसेको लुपी ने अमेरिका यूरोप और एशियाई देशो में 30 से 40 फीसदी जन्म दर घटाने की संभावना का अनुमान लगाया है,लुपी का कहना है की सोसल डिस्टेंसिंग व् तमाम पाबंदियों के बावजूद बेबी बूम की कोई संभावना नहीं है /
60 प्रतिशत लोगो ने फैमेली पलानिंग को फ़िलहाल टाला है !
यूरोप में ईटली फ्रांस स्पेन और ब्रिटेन के 18 से 34 साल की उम्र के 50 -60 प्रतिशत लोगो ने परिवार बढ़ने की योजना को फ़िलहाल टाल दिया है ,सर्वे में फ्रैंच और जर्मनी के 50 फीसदी जवान लोगो ने कहा की फ़िलहाल वे परिवार को आगे बढ़ने की सोचेंगे नहीं सिर्फ 23 फीसदी लोगो ने इसमें अंतर होने को स्वीकार किया है !
वही इटली में 38 प्रतिशत व् ब्रिटेन में 50 प्रतिशत लोगो ने इसका कारण बताया की उनकी आर्थिक व् मानसिक हालत ऐसी नहीं की वे बच्चो को सम्हाल सके !
कोरोनाकाल में माँ व बच्चो को चुनोतियो का सामना करना पड़ेगा !
कोरोनाकाल में हेल्थ वर्कर व् दवाइयों से जुजना पद सकता है
यूनिसेफ की एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर हेनरिटा फॉर ने कहा की माँ व् बच्चो को कठिन कठिनाइयों सामना करना पद सकता है क्योकि कोविद -19 जैसी महामारी में कर्फ्यू व् लॉक डाउन जैसी स्त्थियो में दवा व् उपकरणों का आभाव होगा ए एन एम व् आशा वर्कर की कमी से जुझना पड़ सकता है ,वही संक्रमण की वजह से माताएँ भी हॉस्पिटल व् हेल्थ सेंटर जाने से कतराएगी !
शिशु दर में भी इजाफा हो सकता है
यूनिसेफ की गलोबल रिपोर्ट में कहा गया की कोविड -19 की वजह लॉक डाउन जैसी फैसलों से जीवन रक्षक स्वास्थय सेवाओं में असर पड़ सकता है विकाश शील देशो में खतरा जयादा है क्युकी इन देशो मत्युदर पहले से जयादा है !
औसत गर्भावस्था का अवधि के आधार पर आकलन !
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| Unisef Riport |
यूनिसेफ की रपोर्ट का आधार सयुक्त राष्ट्र वर्ल्ड पापुलेशन डिवीजन 2019 की एक रिपोर्ट है औसत गर्भावस्था 9 माह या 40 हफ्ता रहती है ऐसे में बच्चे पैदा होने आकलन संस्था ने ईसी को पैमाना मान लगाया है !
हर साल 28 लाख गर्भवती महिलाओ व् नवजात शिशुओं की मौत !
यूनिसेफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया की कोविड -19 महामारी से पहले भी 28 लाख गर्भवती महिलाओ व् नवजात की मौत होती आई है हर सेकंड 11 मौत होतो है ,ऐसे में संस्था ने वर्कर की ट्रेनिंग व दवाइयों की उचित इंतजाम करने को कहा है ! ताकि नवजात व् गर्भवती महिलाओ की जान को बचाया जा सकता है !
इस साल की थीम महिलाओ _लड़कियों के अधिकार व स्वास्थय पर फोकस !
बुक्रिँग्स इंस्टिट्यूशन की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा व जन्म दर के बिच गहरा सम्बन्ध है क्युकी शिक्षित लड़कियों में परिवार नियोजन की अच्छी समझ होती है साथ ही उन्हें बालविवाह व काम उम्र में माँ बनाने से बचता है ,ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी वर्ल्ड पापुलेशन एन्ड ह्यूमन केपिटल इन ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी स्ट्डी के अनुसार हर लड़की व् लड़के को 10 वी तक रेगुलर शिक्षा तो 2050 तक दुनिया की आबादी 150 करोड़ कम के स्टार पर होगी यू एन के अनुसार वर्ल्ड की आबादी 980 करोड़ होगी !
देश की आबादी का हाल ! सबसे ज्यादा युवा बिहार व सबसे कम केरल में !
देश में 57 प्रतिशत आबादी की आयु 25 साल या इससे अधिक है ,चाहे युवा हो या महीला ,शहरी हो या ग्रामीण !रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त कार्यालय ने सेम्पल रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट 2018 की जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल 46 . 9 फीसदी लोग युवा है इनमे 47 . 4 फिसदी पुरुष व् 46 . 3 फीसदी महिलाए है राज्य में सबसे जयादा युवा उतरप्रदेश बिहार व् झारखण्ड में है वही सबसे केरल में है !



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